आजीविका एवं उद्यम विकास कार्यक्रम तथा जल-जागरण कार्यक्रम का शुभारम्भ

On 17/06/2016    | Time: 11:27:10 AM | Source: U.P.Bahraich- Abdul Aziz | Visits: 436



आजीविका एवं उद्यम विकास कार्यक्रम तथा जल-जागरण कार्यक्रम का शुभारम्भ
बहराइच : (अब्दुल अज़ीज़) जनपद में कृषि, ग्रामीण जनता की आजीविका का एकमात्र स्रोत है। बढ़ती जनसंख्या, प्रदूषण, घटते भू-जोत तथा जलवायु परिवर्तन के कारण कृषि क्षेत्र कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसी चुनौतियों से निपटने तथा कृषि को आजीविका का एक सफल माध्यम बनाकर किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से नाबार्ड ने रिसिया विकास खण्ड में प्रायोगिक आधार पर 50 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से एक आजीविका एवं उद्यम विकास कार्यक्रम (एलईडीपी) प्रारम्भ किया है। इस योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को वैज्ञानिक तरीके से खेती के गुर सिखाए जाएंगे तथा उन्हें बैंकांे से जोड़कर कृषि आधारित सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने में सहायता प्रदान की जाएगी।



कार्यक्रम के अन्तर्गत समूह की महिलाओं को श्री विधि, लाइन रोपण, मचान विधि से सब्जी की खेती तथा नर्सरी स्थापित करने के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा तथा उन्हें वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्रेरित भी किया जाएगा। इस कार्य के लिए नाबार्ड ने ट्रस्ट कम्यूनिटी लाइव्लीहूड्स (टीसीएल) नामक गैर सरकारी संगठन का चयन किया है जो परियोजना के कार्यान्वयन तथा समूहों को तात्कालिक सहायता उपलब्ध कराएगी।



रिसिया विकास खण्ड सभागार में नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय की सुश्री रिचा बाजपेई ने कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए महिलाओं को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने तथा कृषि आधारित उद्यम स्थापित करने में सभी हितधारको से आगे बढ़कर सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं को उचित प्रशिक्षण तथा आर्थिक मदद मिले तो वो भी विकास की मुख्य धारा से जुड़ कर देश एवं समाज की प्रगति में अपना योगदान कर सकेंगी। डीडीएम-नाबार्ड, राजेश कुमार सिंह ने परियोजना के उद्देश्यों एवं उसकी उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए सबको मिलकर कार्य करने की अपील की। उन्होंने वर्षा-जल संरक्षण के लिए नाबार्ड द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताया तथा उपस्थित सभी लोगों को वर्षा जल संरक्षण के प्रति शपथ दिलाई।



इस अवसर पर श्रवण कुमार, अग्रणी जिला प्रबन्धक, बहराइच ने समूह की महिलाओं को बैंक से जोड़कर सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने में हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय प्रबन्धक-इलाहाबाद यू.पी.ग्रामीण बैंक आशीष कुमार श्रीवास्तव ने विकास खंड में स्थित अपनी सभी शाखाओं से सहयोग देने की बात कही। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत खोले गए खातों में न्यूनतम राशि रखने तथा उनमें लेन-देन करने की अपील की जिससे उन्हें खाते में 5000 रुपए तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा दी जा सके।



कार्यक्रम में उपस्थित कृषि विज्ञान केन्द्र बहराइच के वरिष्ठ वैज्ञानिक बीपी सिंह, ने खरीफ फसलों के लिए जैविक कीटनाशक तैयार करने की विधि के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने खरीफ की फसलों में लगने वाले रोगों एवं उनके रोकथाम के बारे में विस्तार से बताया।



इससे पूर्व टीसीएल के कार्यक्रम निदेशक सिंधु भादुडी ने उद्घाटन समारोह के अवसर पर मौजूद सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया जबकि समूह की महिलाओं ने स्थानीय फूलों से तैयार पुष्प गुच्छ भेंटकर अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रबन्धक, इलाहाबाद यू.पी.ग्रामीण बैंक, क्षेत्रीय कार्यालय बहराइच, के.पी. शुक्ल, वरिष्ठ प्रबन्धक-इलाहाबाद यू.पी.ग्रामीण बैंक, शाखा सिसई सीलोन आर.के. मिश्र, काउन्सलर, समाधान वित्तीय साक्षरता नकछेद प्रसाद एवं ऋण परामर्श केंद्र, इलाहाबाद बैंक, बहराइच, सुश्री नीरजा सहित बड़ी संख्या में समूह की महिलाएं तथा अन्य लोग उपस्थित रहें। कार्यक्रम का संचालन डॉ एस.के. पाण्डेय ने किया।