खाद्य एवं औषधि प्रशासन सतर्कता समिति की बैठक संपन्न

On 09/05/2018    | Time: 09:16:02 AM | Source: Mathura News | Visits: 98



खाद्य एवं औषधि प्रशासन सतर्कता समिति की बैठक संपन्न
मथुरा जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने कलेक्टेªट सभागार में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की सतर्कता समिति संबंधी बैठक की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि बडे़ खाद्य कारोबारियों के प्रतिष्ठानों के निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि वृन्दावन तथा होलीगेट के आस-पास के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाय।

उन्होंने तीर्थ स्थल घोषित हो गये क्षेत्रों में अण्डा मांस की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रतिष्ठान के अन्दर ढक्कनदार कूडे़दान रखें तथा खाद्य पदार्थों को ढककर रखें। जनपद के मुख्य सड़कों के आस-पास के खाद्य कारोबार ठीक प्रकार से प्रशिक्षित करने निर्देश दिये। उन्होंने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को इस तरह की बैठकें जल्दी-जल्दी कराने के निर्देश दिये।

बैठक में अभिहित अधिकारी चन्दन पाण्डेय, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीके राठी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरविन्द कुमार, शोभनाथ, नन्दकिशोर, मनीषा शर्मा, मुकेश कुमार, दीपक कुमार, औषधि निरीक्षक सत्यप्रकाश तथा जनपद के प्रमुख औषधि कारोबारकर्ता तथा स्वयं सेवी संस्थाओं ने भाग लिया।

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लम्बित सन्दर्भों का समय से निस्तारण न करने पर 31 अधिकारियों का वेतन रोका

डीएम ने मुख्यदेय की वसूली में शिथिलता पर 04 तहसीलदारों को चेतावनी दी



मथुरा 08 मई/ जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने कलेक्टेªट सभागार में आईजीआरएस सन्दर्भों की समीक्षा करते हुए पाया कि मा0 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर लम्बित सन्दर्भों का समयान्तर्गत निस्तारण न करने वाले 31 अधिकारियों का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनशिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करना होगा, जो अधिकारी इसे गम्भीरता से नहीं लेंगे तो उन्हें कार्यवाही के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि सचेत करने के बावजूद जो अधिकारी शिथिलता बरत रहे हैं उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के लिए पत्र लिखा जायेगा।

इसके अतिरिक्त मण्डलायुक्त के यहां से प्राप्त सन्दर्भों, जिलाधिकारी सन्दर्भ, जनशिकायतों का गुणवत्तापरक निस्तारण करना होगा। मुख्यदेय की वसूली में लक्ष्य के सापेक्ष बहुत कम वसूली होने पर नाराजगी व्यक्त की गई और 04 तहसीलदारों को चेतावनी निर्गत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जो अमीन कार्य नहीं कर रहे हैं उन्हें हटायें। कर-करेत्तर की समीक्षा में सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया गया है कि वसूली पर ध्यान दें और 05 साल से अधिक पुराने लम्बित वादों के निस्तारण सुनिश्चित करायें। राजस्व वादों का निस्तारण, मुकद्दमा, मजिस्ट्रेटी जांच, आय प्रमाण पत्रों का समयान्तर्गत निर्गत करना, 10 बडे़ बकायेदारों से वसूली, वाणिज्यकर द्वारा प्रवर्तन कार्यों की वसूली, एआईजी स्टाम्प, परिवहन, विद्युत, वन विभाग सहित अन्य विभागों की समीक्षा न्यायालय के मुकद्दमा निस्तारण की समीक्षा की गई और निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति लाने के निर्देश दिये।

मांट तहसील क्षेत्र में अधिक जनशिकायतों के संबंध में जिलाधिकारी ने एसडीएम को निर्देशित किया कि वह विशेष ध्यान देकर जनशिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करायें। तहसीलदार सदर द्वारा राजकीय आस्थान की भूमि संबंधी विवरण संबंधी जानकारी न देने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित प्रभारी निरीक्षण कर जिम्मेदार के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें। बैठक में एडीएम फाइनेंस रवीन्द्र कुमार, एडीएम कानून व्यवस्था रमेश चन्द, डिप्टी कलेक्टर हरीशंकर यादव, सभी एसडीएम, तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।