नयति जैसे अस्पताल का मथुरा में होना एक सपने जैसा : युवराज सिंह

On 10/11/2017    | Time: 21:59:38 PM | Source: Mathura News | Visits: 26



नयति जैसे अस्पताल का मथुरा में होना एक सपने जैसा : युवराज सिंह
सही समय पर सही इलाज से कैंसर हो सकता है सही : नीरा राडिया

मथुरा । मां के द्वारा दिलाई गई हिम्मत और पिता के विश्वास के अलावा सही समय पर कराया गये इलाज द्वारा ही मैं कैंसर जैसी बीमारी पर विजय प्राप्त कर सका। यह कहना था जाने पहचाने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर युवराज सिंह का जो नयति मेडिसिटी में सैंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर कैंसर का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि नयति जैसे अस्पताल का मथुरा में होना मेरे लिए एक सपने जैसा है और ब्रज तथा आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए वरदान। जब मुझे पता चला कि मुझे कैंसर जैसी गम्भीर बीमारी ने जकड़ लिया है तो किसी भी आम इन्सान के जैसे ही मेरी भी कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि अब आगे क्या होगा? आंखों के आगे अंधेरा सा छा गया था, लेकिन जब पता चला कि कैंसर से मुक्ति पाई जा सकती है.... बस सही समय पर उचित इलाज कराने की जरूरत है। परिवार का साथ मिला और समाज का स्नेह..., और मैं जुट गया अपना इलाज कराने में और आज मैं बिल्कुल स्वस्थ हूं।

नयति मेडिसिटी की चेयरपर्सन नीरा राडिया ने कहा कि भारत में सबसे ज्यादा (देश के 17.2 प्रतिशत) कैंसर के मरीज उत्तर प्रदेश में पाए जाते हैं जिसके इलाज के लिए लोगों को सैकड़ों किमी दूर मुम्बई तक की यात्रा करनी पड़ती थी। मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि अच्छे और बेहतरीन स्वास्थ्य पर केवल महानगरों का ही हक नहीं है। यदि देखा जाए तो स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी असमानताएं हैं, बड़े तथा महानगरों में जिन अस्पतालों में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं हैं वहां पहुंचने वाले अधिकतर मरीज छोटे तथा मझले शहरों से होते हैं जो सैकड़ों किमी की यात्रा करने के बाद पहुंच पाते हैं। इसलिए टियर 2 एवं टियर 3 शहरों के लोगों के पास भी वही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होनी चाहिए जो किसी भी मैट्रो शहर में उपलब्ध है।

यह कैंसर सेंटर उत्तर भारत के लोगों को कैंसर से सम्बंधित हर वह सुविधा तथा उपचार कम कीमत में उपलब्ध कराएगा जिसके लिए अभी तक उनको काफी दूर तक की यात्राएं करनी पड़ती थीं।

हमारे यहां रेडियेशन देने के लिए बेहतरीन अंतरराष्ट्रीय कंपनी इलेक्टा की वर्सा एच डी मशीन मौजूद है जिससे केवल 3 से 4 मिनट में प्रभावित जगह पर रेडियेशन दिया जा सकता है जो देश के गिने चुने हॉस्पिटल्स में ही मौजूद थी, जिससे मरीज को बहुत ही कम तकलीफ से गुजरना पड़ेगा। अभी तक रेडियेशन देने में 20 से 30 मिनट से अधिक का समय लगता था।

मेरा मानना है कि जब भी किसी के परिवार में कोई कैंसर जैसी गम्भीर बीमारी से जूझता है तो उसका असर केवल मरीज पर नहीं पड़ता बल्कि पूरे परिवार पर पड़ता है। बीमारी के बाद उसके इलाज के लिए लम्बी दूरी की यात्रा और भी अधिक तकलीफदेह बना देती है। मुझे विश्वास है कि नयति में खुले इस कैंसर सेंटर से उत्तर भारत तथा आसपास के लोगों को काफी लाभ मिलेगा और उन्हें लम्बी दूरी की यात्राएं भी नहीं करनी पड़ेगी।

नयति मेडिसिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर कैंसर के चेयरमैन डॉक्टर (प्रो.) शान्तनु चौधरी ने कहा कि कैंसर शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकता है। अब तक कैंसर का जो इलाज देश विदेश के कुछ गिने चुने बड़े शहरों में ही मिल पाता था वो सारा इलाज अब नयति मेडिसिटी में उपलब्ध है। कैंसर के इलाज के लिए कई विभागों से होकर गुजरना पड़ता है जिनमें मेडिकल, सर्जीकल और कीमोथेरेपी प्रमुख हैं। इन प्रोसीजर को कराने के लिए अब तक आसपास के इस क्षेत्र में कोई ऐसा स्थान नहीं था जहां ये सारी विभाग एक ही छत के नीचे उपलब्ध हों। हर प्रोसीजर के लिए मरीज को अलग अलग जगह जाना पड़ता था जिससे मरीज को समय के साथ अधिक पैसे भी खर्च करने पड़ते थे, लेकिन नयति में कैंसर से संबंधित हर प्रकार का विश्वस्तरीय इलाज एक ही छत के नीचे उपलब्ध है। जिसके कारण मरीज को कैंसर के इलाज में किये जाने वाले किसी भी प्रोसीजर के लिए कहीं और जाने की आवश्यकता नहीं होगी, मरीज को सारा इलाज एक ही स्थान पर एक ही छत के नीचे मिल सकेगा।

आज कैंसर कोई लाइलाज बीमारी नहीं है, यदि समय रहते शुरुआत में ही कैंसर का इलाज करा लिया जाय तो यह पूरी तरह सही हो सकता है। नयति में रेडिएशन देने वाली इलेक्टा की वर्सा एचडी मशीन द्वारा केवल प्रभावित जगह पर ही केवल 4 मिनट में ही रेडियेशन दिया जा सकता है। अन्य मशीनों द्वारा रेडिएशन देने में समय भी अधिक लगता था और प्रभावित जगह के आसपास भी रेडिएशन का असर पड़ता था जिससे त्वचा के सामान्य टिशू जो स्वस्थ होते हैं वे भी प्रभावित हो जाते हैं जिससे मरीज को काफी तकलीफ से गुजरना पड़ता है।

नयति में उपलब्ध पैट सीटी स्कैन द्वारा शरीर के किसी भी भाग के कैंसर का पता चल सकता है, और तो और मरीज को दिया जाने वाला इलाज कितना असर कर रहा है, ये सब भी पता चल जाता है जिससे मरीज का इलाज काफी सटीक तथा सरल हो जाता है।

नयति में अभी तक कैंसर के कई मरीजों का सफल इलाज किया जा चुका है और वे अपना जीवन एक सामान्य इन्सान की तरह व्यतीत कर रहे हैं, जिनमें से कुछ मरीजों ने अपने अनुभव भी साझा किए जो कभी कैंसर से पीड़ित रह चुके थे और आज बिल्कुल स्वस्थ हैं।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ आरके मनी, कैंसर सेंटर के चेयरमैन डॉ (प्रो.) शान्तनु राय चौधरी, डॉ योगेश अग्रवाल, दीनानाथ चतुर्वेदी, राजेश चतुर्वेदी, डॉ. अमित भार्गव तथा डॉ. रविकान्त अरोड़ा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।