जी-20 देश आतंकवाद और इसके लिए धन मुहैया कराने संबंधी सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए त्‍वरित कार्रवाई पर सहमत

On 08/07/2017    | Time: 11:06:31 AM | Source: New Delhi | Visits: 104



जी-20 देश आतंकवाद और इसके लिए धन मुहैया कराने संबंधी सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए त्‍वरित कार्रवाई पर सहमत
जी-20 देशों के नेता आतंकवाद और इसके लिए धन मुहैया कराने से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए त्‍वरित कार्यवाई पर सहमत हो गये हैं। हैम्‍बर्ग में जी-20 शिखर सम्‍मेलन के पहले दिन की समाप्ति पर जारी बयान में सदस्‍य देशों ने आतंकी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराने पर रोक लगाने के ठोस कदम उठाने और इस संबंध में अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों में निजी क्षेत्र को भी शामिल किये जाने का फैसला किया।

जी-20 देशों के नेताओं ने आतंकवाद और कट्टरवाद को भड़काने वाले दुष्‍प्रचार पर रोक लगाने के लिए इंटरनेट और सोशल मीडिया के दुरूपयोग से निपटने के उपायों पर भी बल दिया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन के व्यस्त कार्यक्रम के बीच दक्षिण कोरिया, इटली, मैक्सिको, अर्जेंटीना, ब्रिटेन और वियतनाम के नेताओं से द्विपक्षीय विचार-विमर्श करेंगे। उन्होंने कल सम्मेलन से अलग जापान और कनाडा के शीर्ष नेताओं से बातचीत की थी।



सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद से निपटने के लिए मजबूत प्रयासों पर बल दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति षी चिनफिंग के बीच विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई।



हमारे संवाददाता ने बताया है कि प्रधानमंत्री की जर्मनी यात्रा संपन्न होने से पहले आज शाम जी-20 देशों के सदस्यों का संयुक्त वक्तव्य जारी होगा।

जी-20 शिखर सम्मेलन के पहले दिन भारत ने वैश्विक आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और मुक्त व्यापार जैसे मुद्दों पर नेतृत्वकारी भूमिका अदा की। आतंकवाद के खिलाफ ग्यारह सूत्री कार्य योजना के रूप में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व के सामने ठोस और असरदार कार्य योजना की रूप रेखा प्रस्तुत की। जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर श्री मोदी ने तकनीकों और कार्य प्रणालियों को विकसित करने के लिए दुनिया के देशों का एक समूह बनाने का प्रस्ताव किया। विश्व के सामने उपस्थित गंभीर मुद्दों पर जिस प्रकार भारत ने विचारों के स्तर पर रास्ता दिखाने का काम किया है उसकी छाप जी-20 शिखर सम्मेलन के दूसरे और आखिरी दिन आज जारी होने वाले साझा घोषणा पत्र में दिखाई देने की उम्मीद की जा सकती है। आकाशवाणी समाचार के लिए लक्ष्मी के साथ राजेश झा हैम्बर्ग, जर्मनी।

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परमाणु हथियारों पर प्रतिबंध लगाने वाली वैश्विक संधि अमरीका, ब्रिटेन,फ्रांस और अन्‍य परमाणु संपन्‍न देशों के विरोध के बावजूद कल रात संयुक्‍त राष्‍ट्र में स्‍वीकार कर ली गई। इन देशों ने वार्ताओं का बहिष्‍कार किया था। नीदरलैंड्स ने प्रस्‍ताव के विरोध में मतदान किया जबकि सिंगापुर ने मतदान में हिस्‍सा नहीं लिया। परमाणु हथियारों से संपन्‍न नौ देशों ने अमरीका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, भारत, चीन, पाकिस्‍तान, उत्‍तर कोरिया और इस्राइल न तो बातचीत में शामिल हुए और न ही मतदान में हिस्‍सा लिया।